भड़काऊ भाषण देने के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक और पूर्व मंत्री आजम खान दोषी करार दिए गए हैं. कोर्ट ने उन्हें इस मामले में तीन साल की सजा सुना दी है. उनकी विधायकी भी हाथ से जा सकती है. ऐसे में आजम के लिए ये डबल झटका है.भड़काऊ भाषण देने के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक और पूर्व मंत्री आजम खान दोषी करार दिए गए हैं. कोर्ट ने उन्हें इस मामले में तीन साल की सजा सुना दी है. उनकी विधायकी भी हाथ से जा सकती है. ऐसे में आजम के लिए ये डबल झटका है.
हेट स्पीच का यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा है. कथित रूप से आजम खान ने रामपुर की मिलक विधानसभा में एक चुनावी भाषण के दौरान आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां की थीं. इसकी शिकायत भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने की थी. इसी मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट 27 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाते हुए आजम खान को दोषी करार दिया है.
आजम खान की ओर से क्या दलील दी गई थी?
आजम खान के वकील विनोद शर्मा ने कहा था, ‘हमने अपनी पूरी बहस कर ली है. जितने भी भाषण हैं, यह हमारे भाषण नहीं है. यह सब फर्जी तरीके से बनाए गए हैं. अभियोजन पक्ष अपना केस अदालत में साबित नहीं कर पाया है. अभियोजन और हमने अपनी बहस पूरी कर ली है. हमने जो पॉइंट्स उठाए थे, वह उसका स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए. ऐसी कोई हेट स्पीच हमने नहीं दी गई है और हमारे खिलाफ फर्जी मुकदमा तैयार किया गया है.
आजम के पास क्या विकल्प बचे हैं?
वैसे आजम खान को जेल की सजा तो हो गई है, लेकिन उनके पास अभी भी कुछ विकल्प बचे हैं. अभी इस समय सपा नेता अब निचली अदालत का रुख कर सकते हैं. वहां पर उन्हें एक जमानत याचिका दायर करनी होगी. अगर याचिका स्वीकार हुई तो जेल से बाहर निकलने का रास्ता साफ हो सकता है, लेकिन अगर याचिका खारिज हुई, उस स्थिति में आजम को हाई कोर्ट का रुख करना पड़ेगा. ऐसे में उनके पास कुछ विकल्प तो मौजदू हैं, लेकिन आगे की राह थोड़ी मुश्किल रहने वाली है.
पहले भी जेल यात्रा कर चुके आजम
इससे पहले भी आजम खान एक बार दो साल की जेल यात्रा कर चुके हैं. वे फूलपुर जेल में बंद थे. तब वक्फ बोर्ड की संपत्ति गलत तरीके से कब्जा करने को लेकर एक मामला चल रहा था. उस केस में उन्हें जेल की सजा हुई थी और वे दो साल सलाखों के पीछे रहे थे. इस साल उन्हें उस मामले में जमानत दे दी गई थी. लेकिन एक राहत मिलते ही वे दूसरी मुसीबत में फंस गए हैं. हेट स्पीच वाले केस ने उन्हें फिर जेल की दहलीज पर खड़ा कर दिया है. इस सजा पर आजम खान का कहना है कि उनके पास अभी कई विकल्प बचे हैं, वे सेशन कोर्ट जाएंगे, हाई कोर्ट का रुख भी करेंगे.
आजम खा को मिली सजा पर राजनीतिक गरियारों में चर्चा का दौर भी शुरू हो चुका है. मनोज कुमार झा ने ट्वीट कर लिखा है कि हेट स्पीच में सज़ा भी होती है क्या? अब तक तो रवायत यही रही कि हेट स्पीच की श्रृंखलाएं परोस परोस कर लोग ओहदेदार होते रहे हैं…विलियम शेक्सपियर साहब से माफ़ी के साथ…’नाम’ का बड़ा फर्क पड़ता है जी….जय हिन्द.
Public News 7 Online News Portal